सतनाम पंथ के प्रवर्तक, समता और सत्य के सन्देशवाहक — गिरौदपुरी धाम, बलौदाबाजार-भाटापारा, छत्तीसगढ़। "मनखे-मनखे एक समान" का सन्देश देने वाले संत की गाथा, यहीं इसी भूमि से शुरू हुई।


छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे एक संत ने कैसे समाज को समता, सत्य और भाईचारे का मार्ग दिखाया — उनके जीवन के प्रमुख पड़ावों की झलक।
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